आसमां चूमता मीडिया कारोबार

राजेश लेहकपुरे*

भारतीय मीडिया एवं मनोरंजन उद्योग में पिछले साल कई नयी गतिविधियां देखने को मिली। जिसमें टीवी मीडिया के लिए ट्राय की विज्ञापन की नयी मार्गदर्शक सूची, टीवी केबल का डिजिटाइजेशन, मोबाइल की 4जी सेवा की शुरुआत, टीवी में एचडी चैनल की भरमार इन तमाम गतिविधियों के बीच भारतीय मीडिया और मनोरंजन उद्योग का कारोबार आसमां चूमता नजर आ रहा है। पिछले साल संसद और कई विधानसभा के चुनाव होने के कारण मीडिया और मनोरंजन उद्योग को केंद्र और क्षेत्रीय स्तर के विज्ञापन से काफी रेवेन्यू मिला। टीवी और रेडियो मीडिया को भी इसका काफी फायदा हुआ, लेकिन टीवी मीडिया के कारोबार की रफ्तार काफी तेज है, जबकि फिल्म उद्योग टीवी मीडिया के पीछे रहा। प्रिंट मीडिया(अंग्रेजी समाचारपत्र छोडक़र) को केवल क्षेत्रीय समाचारपत्रों के विज्ञापन से ज्यादा रेवेन्यू मिला जबकि प्रिंट में अंग्रेजी समाचारपत्र विज्ञापन रेवेन्यू में कुछ हद तक पिछड़े।

भारत में 161 मिलियन घरों में टीवी देखा जाता है। भारत में 94,067 समाचारपत्र प्रकाशित होते है, जिनमें 12,511 केवल दैनिक समाचारपत्र है। भारत में 2000 मल्टीप्लेक्स है और 214 मिलियन इंटरनेट यूजर्स है, जिनमें से 130 मिलियन मोबाइल इंटरनेट यूजर्स है। भारतीय मीडिया और मनोरंजन उद्योग के लिए इतनी बड़ी संख्या में दर्शक, पाठक और नेटिजऩ का प्लेटफॉर्म उपलब्ध है। 2013 की तुलना में 2014 साल भारतीय मीडिया और मनोरंजन उद्योग में टीवी, फिल्म और न्यू मीडिया के लिए बेहतर रहा। टीवी मीडिया के डिजिटलिकरण से इस उद्योग को काफी लाभ मिल रहा है। रेडियो का विज्ञापन रेवेन्यू भी अच्छा रहा। 2013 की तुलना में 2014 में फिल्म उद्योग को काफी फायदेमंद रहा। दूसरी ओर संसद और विधानसभा के चुनाव के कारण केवल क्षेत्रीय प्रिंट मीडिया को ही विज्ञापन का ज्यादा लाभ हुआ।

प्रिंट मीडिया उद्योग –

प्रिंट मीडिया उद्योग में इस साल चुनाव के चलते क्षेत्रीय स्तर पर अच्छा कारोबार रहा। मैगजीन का कारोबार 2013 की तुलना में 2014 में कम दिखाई देता है। समाचारपत्रों को विज्ञापन से 2014 में 179 बिलियन आय मिली जबकि प्रसारसंख्या से 85 बिलियन की आय मिली है। 2011 से 2014 तक प्रिंट मीडिया की आय वृद्धि को अगर देखें तो आय की गति बहुत धीमी दिखाई देती है। भविष्य में प्रिंट उद्योग की आय में ज्यादा बढ़ोत्तरी के आसार नहीं दिखते है।

तालिका क्र. 01

प्रिंट उद्योग (करोबार बिलियन में) 2011 2012 2013 2014
विज्ञापन आय 139 150 163 179
प्रसार संख्या आय 69 75 81 85
कुल 209 224 243 264
समाचारपत्र कारोबार 197 211 230 250
मैगजीन कारोबार 12 13 14.4 14
कुल 209 224 243 264

स्त्रोत – फिक्की रिपोर्ट 2014

प्रिंट मीडिया भाषा निहाय कारोबार –

अंग्रेजी प्रिंट मीडिया में में 2013 में 91 बिलियन का, हिंदी प्रिंट मीडिया में 75 बिलियन और क्षेत्रीय भाषी प्रिंट मीडिया में 76 बिलियन का कारोबार हुआ है। 2010 की तुलना में इसमें ज्यादा बढ़ोतरी नहीं देखी गयी। 2013 में प्रिंट मीडिया में 8.5 प्रतिशत की वृद्धि देखी गयी।

तालिका क्र. 02

प्रिंट मीडिया मार्केट (बिलियन) 2010 2011 2012 2013
अंग्रेजी मार्केट 79 83 86 91
विज्ञापन आय 53 57 59 62
प्रसार संख्या आय 26 26 27 29
हिंदी मार्केट 58 62 68 75
विज्ञापन आय 37 41 45 50
प्रसार संख्या आय 21 22 24 26
क्षेत्रीय का भाषा मार्केट 56 63 69 79
विज्ञापन आय 36 42 46 51
प्रसार संख्या आय 20 21 24 26
कुल 193 209 224 243

स्त्रोत – फिक्की रिपोर्ट 2014

मीडिया उद्योग –

टीवी मीडिया को 2014 में 478.9 बिलियन की कमाई हुई जबकि प्रिंट 264 बिलियन, फिल्म 138 बिलियन, रेडियो 16.6 बिलियन, संगीत 10.1 बिलियन, एनिमेशन उद्योग ने 45 बिलियन और डिजिटल विज्ञापन ने 41.2 बिलियन का कारोबार किया है। वर्ष 2013 में भारतीय मीडिया और मनोरंजन उद्योग का कुल कारोबार 918 बिलियन था, जबकि 2014 में यह बढक़र 1039 बिलियन तक पहुंचा है।

तालिका क्र. 03

मीडिया उद्योग (कारोबार बिलियन में) 2011 2012 2013 2014
टीवी 329.0 370.1 417.2 478.9
प्रिंट 208.8 224.1 243.1 264.0
रेडियो 11.5 12.7 14.6 16.6
फि़ल्म 92.9 112.4 125.3 138.0
म्यूजिक 9.0 10.1 9.6 10.1
एनिमेशेन 31.0 35.3 39.7 45.0
डिजिटल विज्ञापन 15.4 21.7 30.1 41.2
गेम्स 13.0 15.3 19.2 23.5
आउट ऑफ होम 17.8 18.2 19.3 21.2
कुल 728 821 918 1039

स्त्रोत – फिक्की रिपोर्ट 2014

केबल डिजिटाइजेशन –

केबल डिजिटाइजेशन (अनोलोग मोड खत्म करके डीएसी को लागू करना) को संपूर्ण भारत के विभिन्न शहरों में लागू करने के लिए चार चरण तैयार किए थे। जिसमें पहला चरण – दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में 30 जून 2012 तक, दूसरा चरण -दस लाख से ज्यादा जनसंख्या वाले शहरों में 31 मार्च 2013 तक, तिसरा चरण- देश के सभी शहरी क्षेत्रों(नगर निगम, नगरपालिका) में 30 सितंबर 2014 तक और चौथे चरण में शेष भारत में 31 दिसंबर 2014 तक एसटीबी लगाया जाना तय हुआ था। लेकिन अभी भी बहुत शहरों में एसटीबी उपलब्ध न होने की वजह से नहीं लग पाया। एसटीबी चीन से आयात किए जाते है, इस वजह से इनकी आपूर्ति सुनिश्चित करना कठिन कार्य है। केबल डिजिटाइजेशन से उपभोक्ता को बेहतर पिक्चर क्कालिटी मिलेगी,पसंद के चैनल चुनने का मौका मिलेगा, गेम्स और अन्य सुविधा उपलब्ध होगी। एक तरफ दर्शकों को सुविधा दिखती है लेकिन दूसरी ओर नुकसान भी होगा, जैसे – केबल के किराए में 25 तक बढ़ोतरी होगी, घर में हर टीवी के लिए अलग एसटीबी लगेगा।

ब्राडकास्टिंग उद्योग –

ब्राडकास्टिंग उद्योग ने 2012 में विज्ञापन से 182 मिलियन कारोबार किया था, जबकि सबक्रिबशन से 57 मिलियन का कारोबार किया था। 2013 में विज्ञापन से 205 मिलियन और सबक्रिबशन से 69 मिलियन का कारोबार किया था। 2014 की बात अगर करें तो विज्ञापन से 239 मिलियन तो सबक्रिबशन से 87 मिलियन का कारोबार हुआ।

तालिका क्र. 04

ब्राडकास्टिंग उद्योग (कारोबार बिलियन में) 2012 2013 2014
विज्ञापन 182 205 239
सबक्रिबशन 57 69 87
कुल 237 274 326

स्त्रोत – फिक्की रिपोर्ट 2014

फिल्म उद्योग –

फिल्म उद्योग के आय के स्त्रोत हर दिन बढ़ रहे है। शुरुआत में फिल्म के पास केवल थिएटर से आय होता था, लेकिन अब विभिन्न आय स्त्रोतों में थिएटर एक स्त्रोत है। देश और विदेश में फिल्म का थिएटर मार्केट, केबल और उपग्रह अधिकार, अन्य आय स्त्रोत से फिल्म का रेवेन्यू ज्यादा बढ़ता है। घरेलू और बाहरी थिएटर से इस साल फिल्म उद्योग को 111.6 बिलियन का कारोबार हुआ। केबल और उपग्रह अधिकार से 16.1 बिलियन की आय फिल्म उद्योग को मिली है।

तालिका क्र. 05

फिल्म कारोबार (कारोबार बिलियन में) 2011 2012 2013 2014
घरेलू थिएटर 68.8 85.1 93.4 102.2
बाहरी थिएटर 6.9 7.6 7.6 9.4
होम थिएटर 2.0 1.7 1.4 1.2
केबल और उपग्रह अधिकार आय 10.5 12.6 15.1 16.1
पूरक आय 4.7 5.4 7.0 9.1
कुल 92.9 112.4 125.3 138.0

स्त्रोत – फिक्की रिपोर्ट 2014

मोबाइल इंटरनेट यूजर्स –

4 जी सेवा की शुरुआत होने से इंटरनेट यूजर्स में काफी बढ़ोतरी हो रही है। विश्व में मोबाइल फोन के यूजर्स 4.55 बिलियन है और 2.23 बिलियन यूजर्स मोबाइल इंटरनेट यूजर्स है। भारत में मोबाइल इंटरनेट यूजर्स 158 मिलियन है जबकि 2013 में 130 मिलियन थे। 2013 में 84 मिलियन लैपटॉप/डेस्कटॉप से इंटरनेट यूजर्स थे। भारत विश्व में स्मार्टफोन का उपयोग करनेवाला तीसरा देश है। इस वर्ष भारत में 214 मिलियन तक इंटरनेट का कारोबार हुआ है। भारती एयरटेल कंपनी ने कोलकाता और बेंगलुर में 4 जी सेवा का प्रारंभ कर दिया है और देश के अन्य शहरों में भी यह कंपनी 4 जी सेवा शुरू कर रही है। 3जी के बाद अब उपभोक्ता 4 जी सेवा का लाभ उठा पाएंगे। 3 जी सेवा लेनेवाले भारत में 2013 में 42 मिलियन यूजर्स थे जबकि 2014 में इसका दुगना हुआ है । वर्तमान में 3जी के 82 मिलियन उपभोक्ता है। अब 3जी की तुलना में 4जी सेवा 100 मेगा बाइट प्रति सेकंड की रफ्तार से डाटा ट्रांसफर करने में सक्षम है। 3जी से 4जी की रफ्तार 10 गुना ज्यादा है। इस सेवा से उपभोक्ता अपने मोबाइल पर टीवी देखने और इंटरनेट सर्फिंग कर सकता है। इस सेवा से आपके पास कंटेन्ट की भरमार होगी और निजी डाटा को सुरक्षित रखना और फिर उसे वापस पाना सहज हो जाएगा। भारत में 2013 में इंटरनेट से फ्री डाटा डाऊनलोड करनेवालों की संख्या 93 बिलियन थी जबकि 2014 में यह 128 हुई। भारत में 2013 में इंटरनेट से पेड़ डाटा डाऊनलोड करनेवालों की संख्या 9 बिलियन थी जबकि 2014 में यह 11 बिलियन हुई। इंटरनेट से फ्री डाटा डाऊनलोड करनेवालों का 2013 का प्रतिशत अगर देखेँ तो 91त्न है और 2014 का प्रतिशत 92त्न है। भारत में मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम का मार्केट अगर देखें तो आंड्रोइड स्मार्टफोन यूजर्स 90त्न, विंडों फोन यूजर्स 5त्न, फोन यूजर्स 4त्न और ब्लैकबेरी यूजर्स केवल 1 प्रतिशत है।

इंटरनेट मार्केट –

पिछले वर्ष सोशल नेटवर्किंग साइट पर आडियो-वीडियो उपलोड से कंपनियों का अच्छा कारोबार हुआ। भारत की नामी म्यूजिक कंपनी टी- सीरीज ने सोशल नेटवर्किंग साइट पर कुल 49,734 हजार वीडियो उपलोड किए थे, जिनको 2382 मिलियन यूजर्स ने देखा और 5.2 मिलियन यूजर्स ने उन वीडियो को सबक्राइब किया। वायआरएफ म्यूजिक कंपनी ने सोशल नेटवर्किंग साइट पर कुल 4102 हजार वीडियो उपलोड किए थे, जिनको 1065 मिलियन यूजर्स ने देखा और 2.5 मिलियन यूजर्स ने उन वीडियो को सबक्राइब किया। टिप्स म्यूजिक कंपनी ने सोशल नेटवर्किंग साइट पर कुल 3199 हजार वीडियो उपलोड किए थे, जिनको 592 मिलियन यूजर्स ने देखा और 1 मिलियन यूजर्स ने उन वीडियो को सबक्राइब किया। अल्ट्रा हिंदी म्यूजिक कंपनी ने सोशल नेटवर्किंग साइट पर कुल 20875 हजार वीडियो उपलोड किए थे, जिनको 541 मिलियन यूजर्स ने देखा और 0.7 मिलियन यूजर्स ने उन वीडियो को सबक्राइब किया। सोनी म्यूजिक कंपनी ने सोशल नेटवर्किंग साइट पर कुल 1118 हजार वीडियो उपलोड किए थे, जिनको 266 मिलियन यूजर्स ने देखा और 1 मिलियन यूजर्स ने उन वीडियो को सबक्राइब किया। एमटीवी म्यूजिक कंपनी ने सोशल नेटवर्किंग साइट पर कुल 4735 हजार वीडियो उपलोड किए थे, जिनको 111 मिलियन यूजर्स ने देखा और 0.7 मिलियन यूजर्स ने उन वीडियो को सबक्राइब किया।

निष्कर्ष –

मोबाइल इंटरनेट यूजर्स की बढ़ती संख्या को देखते हुए मोबाइल इंटरनेट मार्केट में काफी उछाल आएगा। टीवी और फिल्म उद्योग के आय में भी भविष्य में बढ़ोत्तरी होगी, रेडियो में एफएम चैनल का मार्केट ज्यादा गति से बढ़ रहा है, लेकिन प्रिंट उद्योग की धीमी गति को देखते हुए प्रिंट मीडिया का भविष्य बड़ा चुनौतीपूर्ण होगा । संसद एवं विधानसभा चुनाव का इस साल मीडिया के कारोबार पर वृद्धि की दुष्टि से असर हुआ है।

संदर्भ –

  • Ficci report -2014
  • IAMAI- IMRB Mobile Internet in India, 2013
  • MIB slows down licensing TV channels, Cable Quest, 5 December, 2013
  • http://gadgets.ndtv.com
  • Central Statistics Office, Ministry Of Statistics and Programme Implementation
  • KPMG in India analysis. Industry discussion conducted by KPMG
  • Bharat broadband Network Limited http://www.bbnl.nic.in/content/
  • KPMG in India analysis
  • TRAI performance Indicator reports 2013
  • AKAMAI – State of the Internet Reports Q3-2012 and Q3-2013
  • IDC press release,
  • 2 Dec 2013, Industry discussions conducted by KPMG in India
  • StatsCcounter 2013 data
  • Industry discussions conducted by KPMG in India, KPMG in India analysis
  • Economist Intelligence Unit’s (EIU) ‘Good to Grow?’ report 2013
  • IAMAI-IMRB Digital Advertising in India, 2013
  • Comscore, India Digital Future in Focus, 2013
  • TRAI press release, July 2013 42.
  • IDC press release, 2 Dec 2013
  • Facebook quarterly press releases

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