Home

logo

COMMUNICATION TODAY

Media Quarterly (Journal)

(Lighthouse of Media Professionals)
A Double-Blind Peer-Reviewed Bilingual Media Quarterly

199th National Webinar | Fab 16, 2026

📅 Date: Monday | Fab 16, 2026
🕠 Time: 5:30 PM onwards
💻 Mode: Online (Webinar)
🟢 Organised by: Communication Today (Quarterly Media Journal, Jaipur)
🤝 In collaboration with: Bharati Vidyapeeth, New Delhi
🎯 Subject: Review of Literature with AI Tools (Workshop Mode with Hands-on Exercise)
📝 For hands-on experience, participants may join the workshop with laptop/PC


📢 Eminent Scholar:

  • Dr. Manash Pratim Goswami
    Professor
    Department of Journalism and Mass Communication
    North Eastern Hill University (NEHU), Shillong

🗓 Schedule:
🔹 Login & Networking: 5:30 PM – 6:00 PM
🔹 Experts’ Talks: 6:00 PM – 7:15 PM
🔹 Discussion & Certification: From 7:15 PM onward

🔗 Join the Webinar:
👉 https://bvicam.webex.com/meet/webinar
📺 Live Streaming on YouTube:
👉 https://www.youtube.com/channel/UCuOPY-98JUY9T2igRpj8tIQ/featured
📝 Advance Registration (Free):
👉 https://bvicam.ac.in/MediaSeries/

📄 Get Your Certificate:
Fill the feedback form at the end of the webinar. The certificate will be auto-generated and free of cost.

🎥 Missed the last session?
📌 Watch the 198th Webinar Recording:
👉 https://youtu.be/Ku4YUK7_AF8
📱 Join WhatsApp Group for Updates:
👉 https://chat.whatsapp.com/HnwPqLEXE6o5TSLqKqDRr5
📌 Subscribe to Our YouTube Channel:
👉 https://youtube.com/@sanjeevbhanawat
🌐 Visit Our Website:
👉 https://communicationtoday.net

With warm regards,
Prof. Sanjeev Bhanawat Editor, Communication Today, Jaipur
Prof. M. N. Hoda Director, Bharati Vidyapeeth, New Delhi

198th National Webinar | Fab 12, 2026

198वां राष्ट्रीय वेबिनार
विषय
: Future of Radio
आयोजक: कम्युनिकेशन टुडे एवं भारती विद्यापीठ, नई दिल्ली
दिनांक: गुरुवार, 12 फरवरी, 2026

जयपुर से प्रकाशित प्रतिष्ठित मीडिया त्रैमासिक कम्युनिकेशन टुडे तथा भारती विद्यापीठ, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 198वें राष्ट्रीय वेबिनार में “Future of Radio” विषय पर अत्यंत गंभीर, विचारोत्तेजक और समकालीन विमर्श संपन्न हुआ।

‘फादर ऑफ कम्युनिटी रेडियो इन इंडिया’ के रूप में विख्यात डॉ. आर. श्रीधर ने सामुदायिक रेडियो की विकास-यात्रा, वर्तमान चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर प्रेरक विचार रखे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि रेडियो ने हर तकनीकी परिवर्तन—पारंपरिक प्रसारण से एफएम, डिजिटल स्ट्रीमिंग, पॉडकास्टिंग और अब वर्चुअल प्लेटफ़ॉर्म तक—अपने स्वरूप को निरंतर रूपांतरित किया है। उनके शब्दों में, “समय अब वर्चुअल रेडियो का है।”

उन्होंने भारतीय प्रसारण के इतिहास से जुड़े रोचक प्रसंग साझा किए। विशेष रूप से ‘मानव की कहानी’ धारावाहिक, जो 18 भाषाओं में प्रसारित हुआ और जिसमें 1,40,000 बच्चों ने पंजीकरण कराया, अपने समय की एक क्रांतिकारी पहल सिद्ध हुई।

नवाचार, डिजिटल रूपांतरण, श्रोता सहभागिता और एआई के बढ़ते उपयोग पर चर्चा करते हुए उन्होंने प्रशिक्षित मानव संसाधन की आवश्यकता रेखांकित की।

कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए राजस्थान विश्वविद्यालय के जनसंचार केंद्र के पूर्व अध्यक्ष एवं कम्युनिकेशन टुडे के संपादक प्रो. संजीव भानावत ने विश्व रेडियो दिवस की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि 13 फरवरी 1946 को संयुक्त राष्ट्र रेडियो ने प्रसारण आरंभ किया और इसी महत्व को स्वीकार करते हुए यूनेस्को ने 13 फरवरी को विश्व रेडियो दिवस घोषित किया। रेडियो संवाद, विश्वास और लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है।

कार्यक्रम में भारती विद्यापीठ की सहायक प्राध्यापक प्रियंका सिंह ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की तथा वक्ताओं को ई-बुक एवं ई-स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। आयोजन में जयंत राठी, पुष्पेंद्र सिंह, डॉ. सुनील कुमार, अंबुश (भारती विद्यापीठ) एवं डॉ. पृथ्वी सेंगर (IIMT विश्वविद्यालय, मेरठ) का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।

कार्यक्रम के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से जुड़े शिक्षाविदों ने भी विचार-विमर्श में सक्रिय भागीदारी की। प्रो. ओ. पी. देवाल (केंद्रीय विश्वविद्यालय, राजस्थान), डॉ. सूरज देव (मेरठ), उमेश शर्मा (कोलकाता) तथा सौरभ चौहान (शिमला) ने चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए सामुदायिक रेडियो, डिजिटल रूपांतरण और भविष्य की प्रसारण संभावनाओं पर अपने सारगर्भित विचार प्रस्तुत किए।

अंत में दर्शकों से वीडियो को like, comment, share और subscribe करने का अनुरोध किया गया, ताकि वे भविष्य के सार्थक वेबिनारों से जुड़े रह सकें।

Special Moments

डॉ महेंद्र भानावत

लोकपरंपराओं के अडिग प्रहरी को अंतिम प्रणाम

लोक साहित्य, परंपराओं और संस्कृति के महान संरक्षक डॉ. महेंद्र भानावत का निधन एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपने जीवन को भारतीय लोककथाओं, लोकगीतों, कठपुतली कला और परंपरागत लोकसंस्कृति के संरक्षण और संवर्धन में समर्पित किया। उनके लेखन का विस्तार अत्यंत व्यापक था—उन्होंने लगभग 100 पुस्तकें लिखीं, 10,000 से अधिक लेख प्रकाशित किए और अपने विशिष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के 80 से अधिक पुरस्कार प्राप्त किए।

डॉ. भानावत ने लोकसंस्कृति को शोधपरक दृष्टि से प्रस्तुत कर उसे नई पहचान दिलाई। उनकी विद्वता, सरलता और समर्पण भाव ने उन्हें लोकसंस्कृति जगत में एक विशिष्ट स्थान दिलाया।

आज उनके उड़ावणा के अवसर पर हम उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। उनके विचार और कार्य सदा अमर रहेंगे।

➡ यह वीडियो अगर आपको पसंद आए तो चैनल को सब्सक्राइब करें, शेयर करें और अपनी श्रद्धांजलि व्यक्त करें।

एक मुलाकातः रीना अशोक जारोली से

प्रेम की मिसाल: पति को किडनी दान और कैंसर से संघर्ष

कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही एक महिला के लिए जीवन पहले से ही एक चुनौती बन जाता है। ऐसे में इस महिला ने न केवल अपनी बीमारी से संघर्ष किया, बल्कि अपने पति के जीवन को बचाने के लिए उसे अपनी किडनी भी दान कर दी। यह निर्णय न केवल साहस और निस्वार्थता का परिचायक है, बल्कि यह हमें मानवीय शक्ति और करुणा की गहराई का भी अहसास कराता है।

इस कहानी के विभिन्न आयाम हैं। पहला आयाम है, संघर्ष और विजय का। कैंसर जैसी बीमारी से लड़ते हुए, शारीरिक और मानसिक रूप से सक्षम बने रहना, और उसके बावजूद अपने पति की ज़रूरत को प्राथमिकता देना अद्वितीय साहस का उदाहरण है। यह महिला न केवल एक योद्धा है, बल्कि एक ऐसी प्रेरणा है, जो हमें सिखाती है कि कठिनाइयों के बावजूद भी हम दूसरों के लिए कितनी बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।

दूसरा आयाम है, निस्वार्थ प्रेम और समर्पण का। पति-पत्नी के रिश्ते की यह कहानी हमें यह दिखाती है कि सच्चे प्रेम और समर्पण में कोई सीमा नहीं होती। यह महिला हमें यह सिखाती है कि प्रेम केवल शब्दों में नहीं, बल्कि कर्मों में भी व्यक्त होता है।

Latest News

कुलपति प्रो० सतपाल बिष्ट ने त्रैमासिक जर्नल कम्युनिकेशन टुडे का किया लोकार्पण

कहा फेक न्यूज़ की बढ़ती प्रवृत्ति के दौर में मीडिया लिटरेसी आज की महती आवश्यकता
https://www.ankahismritiyan.com/vice-chancellor-prof-satpal-bisht-inaugurated-the-quarterly-journal-communication-today/

WhatsApp: https://chat.whatsapp.com/DKQqIuYcYKJ5iZkAzMxKpp

Facebook: https://www.facebook.com/profile.php?id=61551017048705&mibextid=9R9pXO

Telegram: https://t.me/asnews3

Webinar Century

Communication Today (Jan-Mar. 2026)

Latest Videos

Online Release of Communication Today Documentary

Communication Today Documentary

Half an hour film made by Apeejay Institute of Mass Communication, Delhi on my academic & professional journey.

COMMUNICATION TODAY: 25 Varshon Ka Shandar Safar

Communication Today Documentary

Jain Talks #140 Journey of Jain Journalism Prof Sanjeev Bhanawat


Recent Published

JOIN OUR NEWSLETTER

Sign up to receive timely, useful information in your inbox.

search previous next tag category expand menu location phone mail time cart zoom edit close